
कोरबा ही नहीं प्रदेश के लोगों को थर्रा देने वाले हत्याकांड के आरोपियों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। आरोपियों में एक नाबालिक भी शामिल है।भाजपा नेता व पूर्व जनपद उपाध्यक्ष अक्षय गर्ग की हत्या के पीछे व्यावसायिक और राजनीतिक प्रतिद्वंद्विता प्रमुख कारण थी।
कटघोरा निवासी और भाजपा नेता अक्षय गर्ग की हत्या के पीछे चुनाव में पराजय व्यवसाय में नाकामयाबी और कार्यक्रम में फोटो न छपने जैसे कारण थे। पुलिस अधीक्षक कोरबा ने बताया कि अक्षय गर्ग हत्याकांड में शामिल लोगों को गिरफ्तार कर लियागया है
पुलिस अधीक्षक कोरबा ने बताया कि बड़ी मशक्कत के बाद आरोपियों को गिरफ्तार कर उसे गाड़ी को भी जप्त कर लिया गया है जिसके जरिए आरोपी अक्षय गर्ग तक पहुंचे थे
गौर तलब है कि पूरी उपरोड़ा जनपद के पूर्व उपाध्यक्ष अक्षय गर्ग की मंगलवार की सुबह हत्या कर दी गई थी। एक काली कार में सवार होकर चार लोग पहुंचे और अक्षय गर्ग पर बिना बातचीत किए धारदार हथियारों से हमला कर दिया। अक्षय गर्ग को कटघोरा के एक निजी अस्पताल लाया गया जहां उन्होंने दम तोड़ दिया। इस घटना ने कोरबा जिले को ही नहीं बल्कि पूरे प्रदेश को हिला कर रख दिया
। बिलासपुर आईजी संजीव शुक्ला भी घटना स्थल पर पहुंचे।
कटघोरा बंद कर इस हत्याकांड का विरोध किया गया। पुलिस की टीम द्वारा इस मामले का राज फास करने के लिए की गई मशक्कत का परिणाम रहा कि आरोपी गिरफ्तार कर लिए गए।
बहरहाल हत्याकांड का राजफास हो जाने से पुलिस ने राहत की सांस ली है लेकिन स्थानीय लोगों के लिए यह घटना बुरे संकेत दे गई। राजनीति और व्यापार में खूनी खेल की शुरुआत का वैचारिक अंत भी करना होगा।



















