
छुरी में छत्तीसगढ़ बुनकर समितियों का प्रशिक्षण संपन्न
छत्तीसगढ़ राज्य सहकारी संघ मर्या.रायपुर के द्वारा छुरीकला (कोरबा ) में बुनकर समितियों के अध्यक्षों,प्रबंधकों,एवं सदस्यों का प्रशिक्षण संपन्न हुआ जिसमें नेतृत्व विकास एवं क्षमता विकास पर विशेष प्रशिक्षण दिया गया । हाथकरघा क्षेत्र भारत की सबसे बडी असंगठित आर्थिक गतिविधयों में से एक है और पूरे देश में 35 लाख से अधिक लोगों को रोजगार देने वाली ग्रामीण और अर्ध-ग्रामीण आजीविका का एक अभिन्न अंग है। यह क्षेत्र 25 लाख से अधिक महिला बुनकरों और संबद्ध कामगारों को रोजगार देती है और छत्तीसगढ़ में 72000 महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण का एक महत्वपूर्ण स्रोत बनाता है। हाथकरघा वींग भारतीय सांस्कृतिक विरासत के सबसे समृद्ध और जीवंत पहलुओं में से एक है। इस क्षेत्र में कम पूंजी गहनता, बिजली का न्यूनतम उपयोग, पर्यावरण के अनुकूल, छोटे उत्पादन का लचीलापन, नवाचारों के लिए खुलापन और बाजार की आवश्यकताओं के अनुकूल होने का लाभ है। डिजाइन का अनूठापन और विशिष्टता, छोटे बैच के आकार का उत्पादन करने की क्षमता और पर्यावरण के अनुकूल कपड़े होने के कारण, हाथकरघा उत्पादों की अंतर्राष्ट्रीय और घरेलू बाजार में उच्च मांग है समाज के अंतिम व्यक्ति के कल्याण के लिए शासन प्रतिबद्ध है बुनकर को कई प्रकार के लाभ मिलता है जैसे बुनकर समितियों के सदस्यों आर्थिक रूप से मजबूत करना,बुनकर के पारंपरिक कार्य को जीवंत रखना,महिलाओं को रोजगार से जोड़ना,अधिक से अधिक रोजगार सृजन करना,बुनकर के बच्चों को स्कॉलरशिप के माध्यम से 20000/- तक एक साथ अनुदान राशि देना,आवास विहीन बुनकरों को बुनकर निवास प्रदान करना आदि । इस प्रशिक्षण में मुख्य अतिथि के रूप में श्री निराकार नाहक जी पूर्व विधायक प्रतिनिधि कटघोरा,विशिष्ट अतिथि लक्ष्मी प्रसाद देवांगन जी अध्यक्ष मां नीरा बुनकर समिति बाकी मोगरा, अध्यक्षता श्री रामधार देवांगन जी अध्यक्ष मां. परमेश्वरी बुनकर समिति छुरी,विशिष्ट के रूप में श्रीमती फूलबाई देवांगन जी अध्यक्ष आराध्य बुनकर सहकारी समिति छुरी, श्री यशवंत देवांगन जी अध्यक्ष कोसा बुनकर सहकारी समिति छुरी, छत्तीसगढ़ सहकारी संघ मर्या.रायपुर की तरफ से सभी ट्रेनर व्याख्यातागण श्री पी एल सोनी जी, श्री एस के पटेल जी, श्री राजेश कुमार साहू जी एवं कई बुनकर समितियों के सैकड़ों महिला सदस्यगण उपस्थित रहे ।



















